top of page

हीरा

अक्सर हम कहते हैं कि जब हम कष्ट में थे तो हमारा साथ देने कोई नहीं आया लेकिन ऐसे समय में किसी को दोष नहीं देना चाहिए ।जब ईश्वर आपको तराश रहा होता है तो वह आपको आपके सहारो से दूर कर देता है ।जिससे आप अपने सहारे चलने में समर्थ हो जाए और आगे आने वाली परिस्थितियों का सामना अकेले अपने आत्मबल के सहारे कर सकें इसलिए ईश्वर को हर परिस्थिति के लिए धन्यवाद दें।

एक साधारण से पत्थर को भी तराश कर ही हीरा बनाया जाता है ऐसे ही एक साधारण जीवन भी परिस्थितियों और व्यक्तियों के आवागमन से ही एक उत्कृष्ट जीवन बनता है।


13 views0 comments

Recent Posts

See All

समदृष्टि

आज कविता सुबह-सुबह कार्य में व्यस्त थी क्योंकि आज उसकी सासू मां तीर्थ कर लौट रही थी।कविता के दरवाजे की घंटी बजी तो वह हाथ का काम छोड़ कर दरवाजा खोलने जाने लगी उसने सोचा सासू मां आ गई लेकिन जब तक वह दर

Comments


bottom of page