रिश्ते

Updated: Sep 12, 2020

आज के परिवेश में रिश्तो के होते हुए भी हम बहुत अकेला सा महसूस करते हैं क्योंकि हम बहुत से एहसासों को भूल गए हैं वह बड़ों का डांटना और छोटों का चुपचाप सुनना और वह छोटो का रूठ ना या गुस्सा होना और बड़ों का मनाना यह सब हम कहीं भूल गए हैं परिवार की कोई समस्या हमें समस्या नहीं लगती थी क्योंकि उस समस्या को पूरा परिवार मिलकर एक होकर उसका सामना करता था हम एक दूसरे को सुनते थे और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करते थे परंतु आज हमारे पास ना तो दूसरों को सुनने का समय है ना उनकी भावनाओं का सम्मान करने का समय है इसीलिए आज हम अकेले हैं|


7 views0 comments

Recent Posts

See All

आज कविता सुबह-सुबह कार्य में व्यस्त थी क्योंकि आज उसकी सासू मां तीर्थ कर लौट रही थी।कविता के दरवाजे की घंटी बजी तो वह हाथ का काम छोड़ कर दरवाजा खोलने जाने लगी उसने सोचा सासू मां आ गई लेकिन जब तक वह दर