top of page

एकजुटता

दोस्तों, आज से हर मंगलवार को आप सब एक कहानी पड़ेंगे। वह कहानियां जो हमने अपने पिता और बाबा दादी से सुनी थी और वहीं हमने बच्चों को भी सुनाई थी। कहानियां हमारे जीवन पर एक अलग ही प्रभाव डालती हैं।

एक किसान के पांच बेटे थे। वह हमेशा आपस में लड़ते रहते थे। एक दिन किसान ने परेशान होकर सोचा इन्हें सबक सिखाना चाहिए। एक दिन जब खेत से लौटा तो लकड़ियों का एक गट्ठर लेकर आया और अपने बेटों से बोला जो बच्चा इस गट्ठर को तोड़ देगा उसे इनाम मिलेगा। सब बच्चे उत्साहित हो गए। एक-एक करके सब ने कोशिश की परंतु कोई नहीं तोड़ पाया। पांचो बच्चे निराश हो गए। तब पिता ने एक एक लकड़ी हर बच्चे को दी और कहा अब तोड़ो सब ने उन लकड़ियों को तोड़ दिया।

तब किसान ने अपने बच्चों को समझाया यदि तुम लोग आपस में झगड़ते और अलग रहोगे तो दूसरे लोग तुम लोगों को तंग करेंगे और दबा लेंगे। यदि तुम लोग आपस में मेल से रहोगे तो कोई तुमसे शत्रुता करने का साहस नहीं करेगा।

सच यही है कि किसी भी बड़े युद्ध को एकजुटता के साथ ही जीता जा सकता है फिर वह युद्ध समाज, देश और घर को बचाने के लिए ही क्यों ना हो।


18 views0 comments

Recent Posts

See All

समदृष्टि

आज कविता सुबह-सुबह कार्य में व्यस्त थी क्योंकि आज उसकी सासू मां तीर्थ कर लौट रही थी।कविता के दरवाजे की घंटी बजी तो वह हाथ का काम छोड़ कर दरवाजा खोलने जाने लगी उसने सोचा सासू मां आ गई लेकिन जब तक वह दर

Commentaires


bottom of page